Thursday, April 13, 2017

टीबी के मरीजों को अपनी डायट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर आप रोजाना हेल्दी डायट का सेवन करेंगें तो इससे आपकी इम्युनिटी पावर मजबूत होती है जिससे आगे चलकर टीबी का खतरा काफी कम हो जाता है। सेवरी के टीबी हॉस्पिटल के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. ललित आनंदे यहां कुछ ऐसे ही डायट टिप्स के बारे में बता रहे हैं। प्रोटीन युक्त भोजन: जब आप अपनी डायट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देते हैं तो यह आपकी इम्युनिटी पॉवर को और ज्यादा मजबूत करने लगता है। इसलिए अपनी डायट में दूध और अण्डों की मात्रा बढ़ा दें। अगर आप शाकाहारी हैं तो ज्वार, बाजरा जैसी अनाजों का सेवन ज्यादा करें। इसके अलावा आप अपनी डाइट में दाल और पत्तेदार सब्जियों को भी शामिल करें। इन सबका सेवन टीबी के खतरे को काफी हद तक कम करता है। पोषक तत्व: पोषक तत्वों की कमी के कारण भी आपकी इम्युनिटी पॉवर कमजोर पड़ जाती है जिससे आप कई तरह की बीमारियों से घिर जाते हैं। इससे बचने के लिए ऐसी चीजों का सेवन बढ़ा दें जिसमें विटामिन ए, विटामिन इ और विटामिन डी-3 की मात्रा काफी ज्यादा हो। सीफ़ूड विटामिन डी के सबसे अच्छे स्रोत होते हैं और इसी तरह शरीर में विटामिन डी-3 की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए। इसके लिए आप विटामिन डी-3 सप्लीमेंट का सेवन कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें : विटामिन ए, सी और इ में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रेडिकल को खत्म करते हैं और आपके शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं। इसलिए एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजों का सेवन बढ़ा दें। अगर शुरुवाती जांच में यह पता चलता है कि आप टीबी के मरीज हैं तो इन चीजों का सेवन बंद कर दें। तली हुई या फ्राई की हुई चीजों में सैचुरेटेड फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो टीबी के मरीजों के लिए तो खतरनाक है ही साथ ही इससे डायरिया और पेट में दर्द, थकान जैसी समस्याएं भी होती हैं। । इस बीमारी के असर को कम करने के लिए आप अपनी डायट में से ट्रांस फैटी एसिड की मात्रा बिल्कुल कम कर दें। इसके लिए आप मार्जरीन, केक और पेस्ट्री जैसी चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। । अगर आप टीबी के मरीज हैं तो रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का कम से कम सेवन करें। ब्रेड, सेरल और पास्ता जैसी चीजें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मुख्य स्रोत होती हैं इसलिए इनका सेवन कम कर दें। ।

गले में खराश एक आम श्व्सन समस्या होती है| गले में खराश का मुख्य कारण गले की नाजुक अंदरूनी परत का वायरस या बैक्टीरिया से संक्रमित होना होता है| गले में सूजन, खांसी, दर्द आदि चीज़े गले के संक्रमण के प्रमुख लक्षण है| सामान्यता गले की खराश का कारण वायरल होता है यह कुछ दिन बाद अपने आप ठीक हो जाता है| परन्तु ये जब तक रहता है बहुत ही कष्टदाई होता है| गले में खराश के कारण कुछ भी खाना मुश्किल हो जाता है| यहाँ तक की पानी भी नहीं निगला जाता| गले में खराश अगर लम्बे समय तक रहे तो इसे हलके में न ले तुरंत चिकित्सक को दिखाए और दवाई लें| गले की खराश को दूर करने के कुछ घरेलू नुस्खे भी है जिनके आज़माकर आप इससे आराम पा सकेंगे –
1 गर्म पानी में नमक डालकर हर 2-2 घंटे में गरारे करें| गर्म पानी और नामक गले को शीतलता प्रदान करते है और गले के संक्रमण को ही दूर करने में सहायक होते है|
2 रात्रि के समय आधा दूध में आधा पानी मिलाये और इसका सेवन करें|
3 खटाई, ठंडा, रूखा, मछली आदि का प्रयोग न करे|
4 काली मिर्च व् तुलसी का काढ़ा पीयें| एक कप पानी में 5-6 टूल्स के पत्ते व 3-4 काली मिर्च को उबालकर काढ़ा बना ले और इसे दिन में 2-3 बार पीयें|
5 ज्यादा ताली भुनी चीज़ो का सेवन न करें| गले में खराश होने पर हमेशा गुनगुने पानी का ही सेवन करें|
6 बादाम व काली मिर्च को पीस ले और इसका प्रयोग करें|
7 अदरक की चाय बनाकर पीयें| ये गले में बहुत आराम पहुंचाएगी|
8 लहसुन की 1-2 कलियों में 2-3 लॉन्ग पीस लें| इसके मिश्रण में थोड़ा सा शहद मिला ले| इस पेस्ट का दिन में 2-3 बार सेवन करें|
9 गले में खराश होने पर जितना हो तरल पदार्थ का प्रयोग करे| हमारे शरीर में मौजूद टॉक्सिंगस गले की खराश को बढ़ा देते है| लिक्विड चीज़ो का प्रयोग करें से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते है|
10 रात को सोते समय दूध में थोड़ी सी मात्रा में हल्दी मिला ले और इस दूध का सेवन करें| हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते है जो गले की सूजन और दर्द को दूर करते है|