सीकर
निशुल्क और बेहतर उपचार में अब फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा। इसे रोकने के लिए ईसीएचएस क्लीनिक शिवसिंहपुरा ने नई व्यवस्था लागू की है। जिसके तहत इलाज के लिए आने वाले हर शख्स से आधार कार्ड संख्या मांगी जा रही है। ताकि आधार कार्ड के नंबरों के जरिए उसका पूरा बायोडाटा उपलब्ध हो सके और आगामी योजनाओं का लाभ देने के लिए रिकार्ड जुटाया जा सके।
शिवसिंहपुरा स्थित ईसीएचएस पोली क्नीनिक के प्रभारी अधिकारी आनंद सिंह शेखावत ने बताया कि सैनिक या उसके परिवार का इलाज से पहले आधार नंबर जुटाया जा रहा है। ताकि फर्जीवाडे़ की गुंजाइश को समाप्त किया जा सके। क्योंकि कार्ड पर कई बार धुंधली तस्वीर होने के कारण संबंधित व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। एेसे में समस्या से बचने के लिए मरीजों से उनके आधार कार्ड नंबर भी मांगे जा रहे हैं। क्लीनिक से करीब 28 हजार सैनिक व उनके परिवार के लोग जुडे़ हुए हैं। दंत रोग सहायक संपत सिंह शेखावत के अनुसार क्लीनिक में सीकर जिले के अलावा नवलगढ़, उदयपुरवाटी, नागौर, नावा, डीडवाना, लाडनूं व सुजानगढ़ के मरीज इलाज के लिए आते हैं।
निशुल्क और बेहतर उपचार में अब फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा। इसे रोकने के लिए ईसीएचएस क्लीनिक शिवसिंहपुरा ने नई व्यवस्था लागू की है। जिसके तहत इलाज के लिए आने वाले हर शख्स से आधार कार्ड संख्या मांगी जा रही है। ताकि आधार कार्ड के नंबरों के जरिए उसका पूरा बायोडाटा उपलब्ध हो सके और आगामी योजनाओं का लाभ देने के लिए रिकार्ड जुटाया जा सके।
शिवसिंहपुरा स्थित ईसीएचएस पोली क्नीनिक के प्रभारी अधिकारी आनंद सिंह शेखावत ने बताया कि सैनिक या उसके परिवार का इलाज से पहले आधार नंबर जुटाया जा रहा है। ताकि फर्जीवाडे़ की गुंजाइश को समाप्त किया जा सके। क्योंकि कार्ड पर कई बार धुंधली तस्वीर होने के कारण संबंधित व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। एेसे में समस्या से बचने के लिए मरीजों से उनके आधार कार्ड नंबर भी मांगे जा रहे हैं। क्लीनिक से करीब 28 हजार सैनिक व उनके परिवार के लोग जुडे़ हुए हैं। दंत रोग सहायक संपत सिंह शेखावत के अनुसार क्लीनिक में सीकर जिले के अलावा नवलगढ़, उदयपुरवाटी, नागौर, नावा, डीडवाना, लाडनूं व सुजानगढ़ के मरीज इलाज के लिए आते हैं।