महिलाओं को अपनी तरीफ सुनना बहुत पसंद होता है ऐसा मैंने लोगों के मुंह सेे सुना है। लेकिन मैडम क्या आपको ये मालूम है कि जैसे आपको तरीफ सुनने में अच्छा लगता है वैसे ही पुरूषों को भी अपनी तरीफ सुनना पसंद होता है। घर-दफ्तर में लड़कों की हालत देखकर, उनका दुखड़ा सुनकर यही प्रतीत होता है कि मानव सभ्यता के हजारों साल बीत जाने के बाद भी आजतक पुरुषों के कान कुछ बातें सुनने को तरस रहे हैं...
तुमने काम अच्छे से किया
आप किसी काम को मिस्टर परफेक्शनिस्ट की तरह पूरा करने की कितनी ही इमानदार कोशिश क्यों न कर लें, यहां तक कि आप उसे अच्छे से पूरा कर भी लें, लेकिन पुरुषों को यहीं सुनने को मिलता है, तुम कोई काम ढंग से नहीं करते।
मेरे वॉर्डरोब में बहुत कपड़े हो गए हैं
एक लड़की की अलमारी कपड़ों से ओवरफ्लो भी क्यों न हो रही हो, वो कभी नहीं कहेगी कि उसे शॉपिंग करने या कपड़े खरीदने की जरूरत नहीं। सच्चाई है और लड़कों की पीड़ा भी।
तुम थक गए होगे, हम कल बात करेंगे
दफ्तर से थककर घर लौटे व्यक्ति को, बॉस की फटकार झेलकर आए शख्स को अगर धर्मपत्नी या गर्लफ्रेंड के मुख से ऐसे बोल सुनने को मिल जाएं, तो उनकी सारी थकान पलभर में गायब हो जाए। लेकिन ऐसा होता है क्या?
मैं ठीक हूं
पुरुषों के बीच ये मानी हुई बात है कि, औरतों की हां में हां और न में न नहीं होती। पुरुषों की मानें तो महिलाओं को ये खुशफहमी होती है कि धरती का सारा बोझ उनके ही कंधों पर होता है। वो कभी नहीं कहती कि वो ठीक हैं।
तुम बिलकुल नहीं बदले
हर ब्वॉयफ्रेंड और पति को कभी न कभी या अक्सर ये ताने सुनने को मिलते हैं, तुम अब पहले जैसे नहीं रहे, तुम शादी से पहले कितना ख्याल रखते थे मेरा, अब मेरी फिक्र ही नहीं। शायद ही कोई दिन पुरुषों के जीवन में ऐसा आया हो, जब उन्हें महिलाओं से सुनने को मिले कि वो पहले जैसा ही उनके साथ बर्ताव करते हैं।
तुमने काम अच्छे से किया
आप किसी काम को मिस्टर परफेक्शनिस्ट की तरह पूरा करने की कितनी ही इमानदार कोशिश क्यों न कर लें, यहां तक कि आप उसे अच्छे से पूरा कर भी लें, लेकिन पुरुषों को यहीं सुनने को मिलता है, तुम कोई काम ढंग से नहीं करते।
मेरे वॉर्डरोब में बहुत कपड़े हो गए हैं
एक लड़की की अलमारी कपड़ों से ओवरफ्लो भी क्यों न हो रही हो, वो कभी नहीं कहेगी कि उसे शॉपिंग करने या कपड़े खरीदने की जरूरत नहीं। सच्चाई है और लड़कों की पीड़ा भी।
तुम थक गए होगे, हम कल बात करेंगे
दफ्तर से थककर घर लौटे व्यक्ति को, बॉस की फटकार झेलकर आए शख्स को अगर धर्मपत्नी या गर्लफ्रेंड के मुख से ऐसे बोल सुनने को मिल जाएं, तो उनकी सारी थकान पलभर में गायब हो जाए। लेकिन ऐसा होता है क्या?
मैं ठीक हूं
पुरुषों के बीच ये मानी हुई बात है कि, औरतों की हां में हां और न में न नहीं होती। पुरुषों की मानें तो महिलाओं को ये खुशफहमी होती है कि धरती का सारा बोझ उनके ही कंधों पर होता है। वो कभी नहीं कहती कि वो ठीक हैं।
तुम बिलकुल नहीं बदले
हर ब्वॉयफ्रेंड और पति को कभी न कभी या अक्सर ये ताने सुनने को मिलते हैं, तुम अब पहले जैसे नहीं रहे, तुम शादी से पहले कितना ख्याल रखते थे मेरा, अब मेरी फिक्र ही नहीं। शायद ही कोई दिन पुरुषों के जीवन में ऐसा आया हो, जब उन्हें महिलाओं से सुनने को मिले कि वो पहले जैसा ही उनके साथ बर्ताव करते हैं।