Wednesday, April 12, 2017

खांसी से छूटकारा पाने में अत्यधिक उपयोगी है ये प्राकृतिक उपचार

परिणामों की दृष्टि से देखें तो एलोपैथिक दवाओं के मुकाबले प्राकृतिक उपचार थोड़ा अधिक समय लेते हैं। फिर भी ये न सिर्फ आपको समस्या से निजात दिलाते हैं बल्कि जिस अंग पर ये काम करते हैं उसे ताकतवर भी बनाते हैं। इस तरह आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी शक्तिशाली बनती है। यहां पेश हैं ऐसे कुछ उपचार जो शानदार परिणाम लाते हैं :
खांसी जुकाम के लिए
कमल की जड़ की हमारे फेफड़ों से समानता कोई इत्तेफाक नहीं है। कमल की जड़ श्वास प्रणाली की सारी बलगम को पिघला देती है और यह श्वास संबंधी रोगों का उपचार करने के लिए प्रसिद्ध है। ताजा कमल की जड़ का चाय के रूप में सेवन करें। इसे बनाने के लिए कमल की जड़ को कद्दूकस करें और इसका रस निचोड़ लें (आधा कप जूस बनाने के लिए) चलाते हुए इसमें आधा कप पानी डालें और उबलने दें। (पहले लगातार हिलाते हुए आंच कम कर दें और 3-4 मिनट तक उबलने दें) इसे गर्मागर्म पीएं।
अतिरिक्त फैट हटाने के लिए
इसके लिए गाजर-मूली ङ्क्षड्रक पीएं। एक सासपैन में आधा कप कद्दूकस की हुई गाजर तथा आधा कप कद्दूकस की हुई मूली में डेढ़ कप पानी डालें, इसे उबलने दें और कुछ मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें।
मीठे की लालसा से बचने तथा पेट, शरीर व मांसपेशियों को आराम देने के लिए
जब भी आपका मन हो आप इस स्वीट वेजीटेबल ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं परंतु इसका आनंद गर्म ही लिया जाना चाहिए। अच्छी तरह कटे प्याज, गाजर, पत्तागोभी तथा स्कवैश (भोपला) की समान मात्रा लें। इससे चार गुना पानी की मात्रा में उबालें और 20 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। शोरबे में से सब्जियां निकाल दें और इसे पीएं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को ताकतवर बनाने के लिए
प्राचीन काल से ही शाइटेक मशरूमों को बढिय़ा खाद्य तथा औषधि माना जाता रहा है। ये ऊर्जा बढ़ाने, जुकाम का इलाज करने तथा पेट के कीड़ों को खत्म करने में काफी लाभदायक होती है। पारंपरिक चीनी चिकित्सकों के अनुसार ये उम्र लम्बी करने में भी सहायक होती है।
सूखी शाइटेक मशरूम में 25 प्रतिशत प्रोटीन मौजूद होता है। इसमें ग्लूमैटिक एसिड भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिसे ब्रेन फूड माना जाता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर एक्टिविटी को उत्तेजित करने तथा दिमाग को पोटाशियम पहुंचाने की क्षमता रखता है।
ये मशरूम विटामिन बी 12, राइबोफ्लेविन, नियासिन कॉपर, सिलेनियम, जिंक, ड्राइटरी फाइबर तथा एन्जाइम्स का भी भरपूर स्रोत हैं। इसमें एर्गोस्टेरोल भी मौजूद होता है जो शरीर में विटामिन डी में परिवर्तित हो जाता है। इसमें लैंटीनैन नामक सक्रिय यौगिक मौजूद होता है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को ताकतवर बनाता है।
शाईटेक मशरूम के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए एक-दो मशरूमों को 10-12 मिनट के लिए डुबो दें, फिर 2 कप पानी में इसे 20 मिनट के लिए उबालें। एक समय पर इसके आधे कप का सेवन करें।
लगातार खांसी से छुटकारा पाने के लिए
तुलसी की चाय बनाएं और गर्मागर्म पीएं। सुबह के समय इसे बना कर एक फ्लास्क में दिन भर पीने के लिए रख लें। इसे बनाने के लिए मु_ी भर तुलसी के पत्तों (डंडियों समेत साफ किए) में पीसी हुई दस काली मिर्च डाल कर छ: कप पानी में डेढ़ घंटे तक उबालें (या पानी का स्तर कम होने तक)। इसका गर्मागर्म सेवन करें।