Wednesday, April 12, 2017

ऑनलाइन गैस बुकिंग के चक्‍कर में कहीं ऐसा तो नहीं हो रहा

देहरादून, [जेएनएन]: 'साहब! मैं ऑनलाइन गैस की बुकिंग कर रहा था। उसी समय गलती से मुझसे सब्सिडी छोड़ने का एक नंबर दब गया, जिससे कंपनी ने मुझे सब्सिडी के दायरे से बाहर कर दिया। सर, मेरे परिवार की वार्षिक आय दस लाख रुपये से बहुत कम है। इसलिए मेरे कनेक्शन को दोबारा सब्सिडी से जोड़ दें'। यह आवेदन सिर्फ राजपुर रोड निवासी राधेश्याम वर्मा ने ही अपनी सब्सिडी वापस लेने के लिए नहीं किया, बल्कि दून की एजेंसियों पर ऐसे 1200 से ज्यादा आवेदन पहुंच चुके हैं। जिनकी गलती से सब्सिडी छूट चुकी है और अब वह गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं।
रसोई गैस की आईवीआरएस (इंट्रैक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम) यानी मोबाइल फोन से बुकिंग करते वक्त सबसे पहले तेल कंपनी उपभोक्ताओं से अपील करती है कि यदि वह देशहित में अपनी सब्सिडी छोड़ना चाहते हैं तो कृपया एक नंबर का बटन दबाए। ऐसे में कई उपभोक्ताओं ने गलती से एक बटन दबाया और वह सब्सिडी से बाहर हो गए।
अब कई माह तक उन्हें पता नहीं चल पाया, क्योंकि तब सब्सिडी की रकम 50 से 60 रुपये थी। लेकिन, पिछले माह से गैस के दाम 750 रुपये के करीब पहुंच गए और खाते में सब्सिडी 300 रुपये के करीब आती है। सिलेंडर लेने के बाद 300 रुपये खाते में न आने से उपभोक्ता परेशान हो गए। जब उन्होंने इसके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह अनजाने में सब्सिडी छोड़ चुके हैं। दून में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या फिलहाल 12 सौ के करीब है।
ऐसे वापस मिलेगी सब्सिडी
उपभोक्ता को एक प्रार्थना पत्र लिखकर गैस एजेंसी में जमा करना होगा। एजेंसी उपभोक्ता के आवेदन को साफ्टवेयर में अपलोड करेगी। जिसके बाद उपभोक्ता के कनेक्शन को दोबारा आधार से लिंक किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर उपभोक्ता सब्सिडी के दायरे में आ जाएंगे।
गैस एजेंसी में प्रार्थना पत्र देकर सब्सिडी से जुड़ सकते हैं
आइओसी के एरिया मैनेजर एसके सिन्हा का कहना है कि जो उपभोक्ता सब्सिडी के दायरे में आते हैं और गलती से वह सब्सिडी से बाहर आ गए हैं तो वह गैस एजेंसी में प्रार्थना पत्र देकर सब्सिडी से जुड़ सकते हैं।